e-RUPI क्या? e-RUPI के क्या-क्या लाभ हैं और इसके क्या-क्या नुकसान हैं ?

e-RUPI क्या? e-RUPI के क्या-क्या लाभ हैं और इसके क्या-क्या नुकसान हैं ? अगस्त 2014 में शुरू भारत को डिजिटल इंडिया बनाने के रूप में ‘e- RUPI ‘ एक महत्वपूर्ण कदम है। जिसको प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत का पहला इलेक्ट्रॉनिक वाउचर आधारित डिजिटल पेमेंट सिस्टम लॉन्च किया है ।

‘e-RUPI ‘ डिजिटल करेंसी के रूप में भारत का पहला कदम है । यह एक कैशलेस और डिजिटल पेमेंट सिस्टम का माध्यम है। इस सिस्टम का विकास NPCI (National Payment Corporation of India ) , वित्तीय सेवा विभाग ,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रुप से लॉन्च किया गया है ।

e-RUPI क्या

e-RUPI क्या ?

यह कैशलेस भुगतान का माध्यम है जो SMS string या QR code के रूप में लाभार्थी (बेनिफिसियरीज ) को मिलेगा अर्थात एक गिफ्ट वाउचर की तरह होगा।

यह क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड, ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के बिना कुछ खास जगहों पर रिडीम अर्थात सुविधा प्रदान किया जाएगा तथा यह इस बात को सुनिश्चित करता है की लेनदेन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सेवा प्रदाता को भुगतान किया जाए ।

e – RUPI का प्रयोग किस प्रकार होगा ?

  • भारत में सभी बैंक e – RUPI जारी करेंगे तथा इसका विकास NPCI ने अपने UPI Theme पर किया है।
  • किसी भी निजी और सार्वजनिक संस्था को विशिष्ट व्यक्तियों के विवरण और उस उद्देश्य के लिए जिसका भुगतान किया जाना है , बैंक से संपर्क करना होगा।
  • बैंक द्वारा सर्विस प्रोवाइडर को एक बाउचर आवंटित किया जाएगा, जो जिस खास शख्स के नाम पर होगा केवल उसे ही दिया जाएगा तथा इसकी पहचान मोबाइल नंबर द्वारा की जाएगी।

उद्देश्य

  • कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा।
  • सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लागू होने में भ्रष्टाचार कम होगा।
  • सरकार द्वारा सब्सिडी आवंटित करने में आसानी होगी।
  • इससे नगदी पर लोगों की निर्भरता घटेगी वस्तुतः नोटों की छपाई और सिक्कों की ढलाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

e -RUPI के लाभ

  • भ्रष्टाचार नियंत्रण में सहायक होगा।
  • इसका उपयोग सरकारी योजनाएं जैसे आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, टीवी उन्मूलन कार्यक्रम जैसे योजनाओं को लागू करने में किया जाएगा।
  • प्राइवेट सेक्टर भी अपने कर्मचारियों की कल्याण और कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के लिए डिजिटल वाउचर का प्रयोग कर सकते हैं।
  • सरकार द्वारा आरबीआई की डिजिटल मुद्रा विकसित करने पर विचार किया जा रहा है और इन क्षेत्र में एक बड़ा कदम है।

चुनौतियां

  • भारत में इसे लागू करने में टेक्नोलॉजी इनोवेशन (Technology innovation ) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • e- RUPI के माध्यम से वित्तीय स्थायित्व कैसे बनाया जाए इस पर रिसर्च अभी बाकी है।

World मैं डिजिटल करेंसी की स्थिति

  • एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के लगभग 86 % सरकारी बैंक डिजिटल करेंसी के बारे में अध्ययन कर रहे हैं।
  • दुनिया के करीब 14% सरकारी बैंकों में इसके लिए बकायदा पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिए हैं. इस सूची में चीन भी शामिल है तथा इसने 2020 में डिजिटल करेंसी e – युवान संबंधी पायलट प्रोजेक्ट लांच किया था।
  • अमेरिका सहित कई अन्य देशों में जैसे कोलंबिया, चिल्ली, स्वीडन आदि में स्कूल वाउचर सिस्टम का प्रयोग किया जा रहा है।
  • अमेरिका में एजुकेशन वाउचर जैसा एक सिस्टम है जिसके माध्यम से छात्रों को शिक्षा के लिए वित्त मुहैया कराया जाता है।
  • यह एक प्रकार की सब्सिडी के रूप में दी जाती है.

e -RUPI ( डिजिटल रुपया ) और क्रिप्टो करेंसी में अंतर

e – RUPI

  • आरबीआई के नियंत्रण में होगा अर्थात आरबीआई ( RBI )जारी करेगी।
  • यह सुरक्षा की दृष्टि से अत्यधिक सुरक्षित है .
  • भारत सरकार की रुपया और डिजिटल रुपए की वैल्यू एक दूसरे के बराबर होगा वस्तुतः कोई भी व्यक्ति इसके माध्यम से कोई वस्तु या सेवा खरीद सकता है।

Cryptocurrency ( क्रिप्टो करेंसी)

  • यह भी एक डिजिटल करेंसी है. जो Blockchain पर आधारित एक virtual currency है।
  • Physically इसका कोई अस्तित्व नहीं है. यह सिर्फ Digit के रूप में ऑनलाइन( online ) रहती है।
  • इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है लेकिन फिर भी इसे कॉपी करना लगभग असंभव है।

आज के इस लेख में हमने शिखा की e – RUPI क्या होता है, इसके क्या-क्या लाभ हैं और इसमें क्या-क्या चुनतियां आ सकती हैं । मैं आशा करती हूँ की आप सभी को आज का हमारा यह लेख बहुत पसंद आया होगा । यदि यह लेख आप सभी को पसंद आया हो तो कृपया आप सभी इस लेख को अपने सभी दोतों के साथ जरुर साझा करें ।

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आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !

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