अपनी मदद खुद करो help yourself

कहते हैं अभाव में स्वभाव नष्ट हो जाता हैं परंतु कई महापुरुषों ने यह सिद्ध कर दिया है कि अभाव में ही मनुष्य को कुछ अलग कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है ।

ईश्वर चंद का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। उनके घर में पढ़ने के लिए लाइट की कोई सुविधा नहीं थी। अतः ईश्वर चंद रास्ते में लगे लैंप पोस्ट के प्रकाश मैं बैठ कर पढ़ाई किया करते थे।

अपनी मदद खुद करो help yourself

यह बालक पढ़ लिखकर एक दिन इतना बड़ा विद्वान बना की लोग आश्चर्य चकित हो गए । ईश्वर चंद्र सर्वप्रथम वर्णमाला की रचना की आज दुनिया इन्हें ईश्वर चंद्र विधासागर के नाम से जानती हैं।

इसी तरह डॉक्टर भीमराव अंबेकटर का जन्म एक हरिजन परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा के लिए राजा पर आश्रित रहना पड़ा परंतु किसी भी कठिनाई और कष्ट के समय वह हिम्मत नहीं हारे। हर दुख और बाधायो को वे धैर्य से पार करते हुए एक दिन हिंदुस्तान के संविधान के रचयिता बने ।

और भरपूर सम्मान अर्चित की इसी तरह के गर्भ में अनेक महापुरुषों का जन्म हुआ वे सब इसलिए महान नहीं थे की उनका जन्म गरीब परिवार में हुआ था। वह महान बने अपने दृढ़ निश्चय,  दृढ़ आत्मविश्व, दृढ़ इच्छा शक्ति और कठोर परिश्रम से।

इस संसार में कोई किसी का मदद नहीं करता और ना ही कोई दूसरे की सहायता से महान बन सकता। भीमराव अंबेडकर कहते थे दृढ़ निश्चय वाला बेक्ति जब यह निश्चय कर लेता है की उन्हें अमुक वस्तु प्राप्त करना है तो उन्हें कोई  नहीं रोक सकता ।

इसी तरह सलोरिया नामक बिद्वान अपने समय में एक लड़की के प्रेम में बंध गया लेकिन एंटोनियो ने उसे कहां मैं अपनी लड़की के शादी उसी के साथ करूंगा जो मेरे तरह श्रेष्ठ चित्रकार हो तब सलोरिया ने उसे कहा क्या आप मुझे 10 वर्ष की मोहलत दे सकते है ताकि मैं आप की पुत्री के साथ विवाह करने के योग्य बन सकु।

एंटोनिया ने हा कर दिया और सोचा कि अब सलोरिया नहीं आएगा लेकिन 10 साल से पहले ही सलोरिया ने चित्रकार बनकर सबको आश्चर्य चकित कर दिया। इस प्रकार दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर सलोरिया ने महान चित्रकार बनकर एंटोनिया की पुत्री से विवाह कर अपने प्रेम को पा लिया।

  • किसी ने सच ही कहा है कि भाग्य के पिता परिश्रम और उनकी माता सहनशीलता है ।
  • झूठी प्रशंसा अथवा किसी लालच से आप सफलता नहीं प्राप्त कर सकते है। इसके लिए आपको लगातार परिश्रम करना होगा तभी आप सफल होंगे ।
  • परिश्रम के लिए कोई व्यक्ति कमर कस ले तो पर्वत को काटकर नदी बहा सकता है।

यदि आप सभी को आज का हमारा यह लेख ( अपनी मदद खुद करो  help yourself ) पसंद आया हो तो कृपया करके आप सभी हमारे इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

ताकि वह सभी लोग भी अपनी मदद खुद करो  help yourself  लेख से मोटिवेट हो सके और दूसरों को समझा सके।

आप और भी ऐसे बहुत सारे लेख पढने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.hindigs.com पर Visit कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें :

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Scroll to Top