India Agni-5 and China Hypersonic Missile में बेहतर कौन ?

भारत की अग्नि 5 और चीन की Hypersonic MissiIe में बेहतर कौन ?

महत्वपूर्ण बिन्दू

India Agni-5 and China Hypersonic Missile : भारत ने पूरी दुनिया को बताया कि वह अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण सितंबर महीने में करने जा रहा था लेकिन उस समय भारत ने इसका परीक्षण नहीं किया। इस परीक्षण को लेकर चीन आपत्ति कर रहा था लेकिन इस समय जैसे ही चीन और दुनिया का ध्यान इस पर से हटा वैसे ही भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण कर दिया।

इस समय यह खबर आ रही है कि चीन ने हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल और अमेरिका ने हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल बना लिया है। नॉर्थ कोरिया यह कह रहा है कि उसने भी intercontinental बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर लिया है। इसी को देखते हुए लोगों में मिसाइलों के बारे में जानने की जिज्ञासा इस समय काफी बढ़ गया है।

India Agni 5 and China Hypersonic Missile
India Agni-5 and China Hypersonic Missile

भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण कहा पर किया है ?

भारत अपनी अग्नि-5 मिसाइल का एपीजे अब्दुल कलाम आईलैंड से सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है। इसका पहली बार यूजर ट्रायल हुआ है। Strategic force command ने मिलकर इसका परीक्षण किया है। यूजर ट्रायल करने के बाद यह मिसाइल भारतीय सेना को सौंप दी जाएगी।

अग्नि-5 मिसाइल की क्या खासियत है?

अग्नि-5 न्यूक्लियर मिसाइल है जो परमाणु हथियार ले जाकर कहीं पर भी फोड़ सकती है। भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण किया है और चीन हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल का परीक्षण किया है। आज तक भारत ने जितने भी युद्ध किए हैं उन सभी युद्धों में सामरिक दृष्टि से इच्छा शक्ति बहुत मजबूत थी।

भारत ने जब पाकिस्तान से 1962 में युद्ध लड़ा उस समय विश्व में भारत की स्थिति ऐसी थी कि वह उस युद्ध के बाद काफी परेशान था उसी मजबूरी का फायदा उठा कर पाकिस्तान 1965 में एक बार फिर युद्ध कर दिया। जिसका जवाब भारत ने 1965 और 1971 में कर दिया।

पाकिस्तान के पास दुनिया भर से बहुत सारा पैसा आया करता था और वहां के लोगों के पास कोई काम भी नहीं था। जिसके चलते पाकिस्तान हमेशा युद्ध करने के लिए तैयार रहता था। भारत की तुलना में पाकिस्तान को दुनिया के देशों ने अच्छी सबमरीन और अच्छे रॉकेट उपलब्ध करा रखे थे।

अग्नि-5 मिसाइल बनाने की जरूरत क्यों पड़ी ?

डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के नेतृत्व में भारत युद्ध के समय जब हथियारों में कमी देख रहा था उस समय अमेरिका जैसे देश भारत को हथियार देना ही नहीं चाहते थे और दूसरे देशों से भी यह कहां रखा था कि भारत को कोई भी देश हथियार नहीं दे सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने सोचा कि भारत के पास अपना मिसाइल सिस्टम होना चाहिए।

मिसाइल बनाने के लिए भारत ने कौन सा प्रोग्राम चालू किया ?

भारत ने अपना मिसाइल सिस्टम बनाने के लिए एक प्रोग्राम चालू किया जीसे GMDP ( Integrated Guided  Missiles Development Program ) कहा गया। जिसके अंदर 5 बड़ी मिसाइलों का निर्माण करने के लिए तय किया गया जिसमें सभी बैलिस्टिक मिसाइलें बनानी थी।

GMDP ( Integrated Guided  Missiles Development Program ) मे भारत ने पांच मिसाइलों का क्या नाम रखा है?

GMDP ( Integrated Guided  Missiles Development Program ) के तहत पांच मिसाइलों का नाम पृथ्वी, अग्नि, आकाश, नाग और त्रिशूल रखा गया। इन पांचों मे से आज हम अग्नि के बारे में जानेंगे। अग्नि मिसाइल के साथ अग्नि-1,1000 किलोमिटर अग्नि-2, 2000 किलोमीटर अग्नि-3, 3000 किलोमीटर अग्नि-4,4000 किलोमीटर और अग्नि-5, 5000 किलोमीटर तक मार करता है।

भारत अग्नि-6 मिसाइल भी बना रहा है जो 8000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। अग्नि के साथ चली आ रही यह सिस्टम अग्नि-6 में आकर बदल जाएगी अर्थात इस का रेंज 6000 नहीं बल्कि 8000 किलोमीटर हो जाएगी।

Inter Continental Ballistic Missile किसे कहा जाता है ?

Inter Continental Ballistic Missile: पूरी दुनिया में अगर एक मिसाइल दूसरी जगह जाकर हमला करती है जो सातों कॉन्टिनेंट एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया को जाकर टच करती हो तो इसे हम Inter Continental Ballistic Missile कहते है।

भारत के द्वारा बनाई गई अग्नि-5 मिसाइल पूरी महाद्वीपो तक नहीं पहुंच सकता है। Inter Continental BallisticMissile का मार करने की क्षमता 5500 किलोमीटर होती है।

अग्नि-5 मिसाइल की मारक क्षमता कितनी है ?

भारत  की अग्नि-5 मिसाइल 5000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। भारत ने जो अग्नि-5 मिसाइल बनाई है वह Inter Continental Ballistic Missile System की रेंज 5500 से मात्र 500 किलोमीटर ही काम है । भारत यह मानकर चल रहा है कि वह सिर्फ अग्नि-5 मिसाइल ही बनाया है न की Inter Continental Ballistic Missile System बनाया है।

दुनिया के कई देश यह सोच रहे हैं कि यह लोग झूठ बोल रहे हैं कि जो 5000 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल बनाये है यह 5000 किलोमीटर तक नहीं बल्कि इन्होंने 8000 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल बना रखी है।

भारत दुनिया के दबाव से बचने के लिए अपने मिसाइल रेंज को कम बता रहा है। भारत ICBM (Inter Continental Ballistic Missile System) बना रखा है यह दुनिया के देशों का मानना है लेकिन भारत इसे नहीं मान रहा है।

क्या चीन ने  Hypersonic Glide Missile बना रखी है ?

चीन ने अपने यहां पर हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल (Hypersonic Glide Missile) बनाई है लेकिन दुनिया को बताया कि उसने सिर्फ 6 माइक स्पीड वाली हाइपरसोनिक मिसाइल बनाई है। जबकि इस मिसाइल की स्पीड आवाज की स्पीड से 24 गुना ज्यादा है।

हाइपरसोनिक ग्लाइडर मिसाइल एक ऐसी मिसाइल होती है जो रडार को चकमा देती हुई चली जाती है। चीन ने अपने यहां पर जो हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल ( Hypersonic Glide Missile ) बनाया है वह खुद चीन को ही चकमा दे दी है। चीन के वैज्ञानिक इसका परीक्षण करने के लिए जहां पर इसे भेजे थे वह उसके निर्धारित स्थान से 40 किलोमीटर दूर ही यह मिसाइल गिर गयी।

दुनिया ने जब चीन को हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल ( Hypersonic Glide Missile ) बनाने की उपलब्धि देना चाहा तो उसने मना कर दिया कि हमने हाइपरसोनिक ग्लाइडर मिसाइल नहीं बनाई है। अमेरिका को पहले ही इसका पता चाल गया था कि चीन हाइपरसोनिक ग्लाइडर मिसाइल बना लिया है लेकिन चीन यह समझ रहा है कि अमेरिका को पता नहीं चलेगा।

चीन ने अपने यहां पर Hypersonic Glide Missile बना रखा है यह खबर किस अखबार ने दी थी ?

चीन ने अपने यहां पर हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल बना रखा है यह खबर ब्रिटेन के अखबार The Financial Time मे छपी थी। उसके बाद अमेरिका ने भी यह दावा किया है कि उसने भी अपने यहां पर हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल का परीक्षण कर लिया है।

अमेरिका ने दुनिया से बचने के लिए चीन के ऊपर चला दाव !

अमेरिका ने दुनिया से बचने के लिए मिसाइल परीक्षण पहले खुद नहीं किया बल्कि उसने यह दिखाया कि पहले चीन ने हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल ( Hypersonic Glide Missile ) का परीक्षण किया है उसके बाद ही हमने इस मिसाइल का परीक्षण किया है।

वह कौन देश है जिसने यह कबूल किया है कि उसने अपने यहां ( Inter Continental Ballistic Missile System ) बना लिया है ?

आजकल जितने भी मिसाइल परीक्षण हो रहे हैं उनमें दूरी कोई मायने नहीं रखती बल्कि टेक्निक मायने रख रही हैं।नॉर्थ कोरिया एक ऐसा अकेला देश है जो यह कह रहा है कि हमारे यहां खाने के लिए दाने नहीं है लेकिन फिर भी हमने ( Inter Continental Ballistic Missile System ) परीक्षण कर लिया है।

Inter Continental Ballistic Missile System जो न्यूक्लियर कैपेबल देश जिन्हें हम P5 के नाम से जानते हैं  उनके अलावा इजराइल और नार्थ कोरिया के पास भी मिसाइल सिस्टम है। भारत से जब यह पूछा गया कि आपने जो यह मिसाइल बनाई है इसमें क्या आप लोग न्यूक्लियर बम लगाएंगे तो भारत यह कह रहा है कि अभी उसके पास यह मिसाइल सिस्टम नही है।

भारत ने 1998 में जब परमाणु परीक्षण किया था तो उसमें दुनिया के कई देशों ने भारत पर यह दबाव बनाया था कि आप ऐसा नहीं कर सकते हैं। उसके बाद भारत ने यह कहा कि हमने परमाणु परीक्षण अपनी सुरक्षा के लिए किया है जिसका हम कभी भी यूज नहीं करेंगे।

उसमे कितनी तरह की स्ट्रेटेजी होती है ?

पूरी दुनिया में तीन तरह की स्ट्रेटेजी होती है।

1.Credible Minimum Deterrence.

2.Strategic  Deterrence.

3.Full Spectrum Deterrence.

भारत डिफेंस सेक्टर में Credible Minimum Deterrence, को ही अपनाता है। जो यह दुनिया को कहता है कि हम पहले वार नहीं करेंगे जबकि पाकिस्तान Full Spectrum Deterrence पर काम करता है। जो यह कहता है कि हम छोटे गोले से लेकर बड़ा गोला तक बना रखे हैं जो हमेशा भारत को धमकाता है लेकिन भारत ने भी यह साफ कह दिया है कि यदि आप किसी भी तरह का कोई बम भारत पर फोड़ते हैं तो जवाब में हम पूरे पाकिस्तान को ही  बर्बाद कर देंगे।

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