Omicron virus reaches India भारत पहुंचा ओमीक्रॉन वायरस ! G-7 देशों ने बुलाई आपात बैठक

Omicron virus reaches India : जिस ओमीक्रॉन कोरोनावायरस को WHO ने Variant of Concert नाम दिया है, जिसे दुनिया में चिंता का विषय माना जा रहा है उसका मरीज भारत में भी देखा गया है। जिसकी सूचना सरकार और मीडिया के माध्यम से दी गई है

जिससे यह पता चलता है कि ओमीक्रॉन कोरोनावायरस भारत में भी आ चुका है। जिसके दो मरीज कर्नाटक में मिले हैं। दुनिया की सभी देश चिंता में है जिसके चलते G-7 देशों ने आपातकालीन बैठक इस वायरस के बारे मे जानने के लिए बुलाई है।

Omicron virus reaches India
Omicron virus reaches India

अल जजीरा अंतर्राष्ट्रीय अखबार ने यह कंफर्म किया है कि भारत के अंदर दो  केस ओमीक्रॉन वायरस मिले हैं। भारत अब दुनिया के 31 देशों में शामिल हो गया है जहां दक्षिणी अफ्रीका से निकला ओमीक्रॉन कोरोनावायरस पहुंच चुका है।

पूरी दुनिया में अभी तक 375 केश ही ओमीक्रॉन कोरोनावायरस देखे गए हैं। यह कोरोनावायरस डेल्टा वेरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक है या कम इसको लेकर सभी देशों में अलग-अलग भ्रांतियां फैली हुई है।

ओमीक्रॉन के कितने मरीज अभी भारत में देखे गए हैं ?

महत्वपूर्ण बिन्दू

ओमीक्रॉन कोरोनावायरस भारत में पहुंच चुका है जिसके दो मरीज भारत में देखे गए हैं जिनमें एक 66 वर्षीय और एक 46 वर्षीय व्यक्ति को यह वायरस ने अपनी चपेट में लिया है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डी के सुधाकर का कहना है कि ओमीक्रॉन वायरस फैलता जरूर तेजी से है लेकिन इसका असर गंभीर नहीं होता है। अभी तक यह वायरस 30 देशों में ही था लेकिन ग्रीस 31 वा देश बन गया है जहां पर इस वायरस के मरीज को देखा गया है।

ओमीक्रॉन वायरस के बारे में जानकारी कब हुई है ?

दक्षिणी अफ्रीका में ओमीक्रॉन वायरस के 183 मरीज है। जबकि पूरी दुनिया में इसके केस बढ़ते जा रहे हैं। जिनमें भारत 2 दिसंबर को इसके मरीज पहली बार देखे गए हैं। 24 नवंबर 2021 को दुनिया को इस वायरस के बारे में जानकारी मिली थी।

G-7 देशों का ओमीक्रॉन वायरस के बारे में क्या कहना है ?

G-7 ने इसे तेजी से फैलने वाला बीमारी बताया है जिसके लिए उन्होंने इसके लिए अलग से बजट बनाने की बात कही है। G-7 ने यह कहा है कि दुनिया को इसकी वैक्सीन जल्द से जल्द मिल जाए इसकी कसम हम सभी देशों को खाना होगा और यदि दान देने की बात आए तो हम सभी देशों को एक दूसरे के प्रतिदान देकर भी वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाए।

कितनी तेजी से फैलता है यह वायरस इसका अंदाजा आप इन आंकड़ों से लगा सकते है ।

बहुत से लोगों को लगता है कि अभी तो इस वायरस की इतनी कम केस आए हैं तो इससे हमें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम आपको बता दें कि जब पूरी दुनिया में नवंबर 2019 में कोरोना वायरस पहला केस वुहान में देखा गया था वहीं भारत में 30 जनवरी 2020 को केरला में कोरोना का पहला मरीज देखा गया था।

उसके बाद 2 मार्च 2020 को दिल्ली के अंदर करोना का दूसरा केस देखा गया था यानी कि कोरोनावायरस एक राज्य से दूसरे राज्य में पैर पसार रहा था। जो एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने में मात्र 1 महीने का वक्त लगा था।

उसके बाद 12 मार्च 2020 को भारत के केरला में पहली मौत कोरोना के हुई थी। जिसके बाद 24 मार्च 2020 को पूरे भारत में लाक डाउन लगा दिया गया था। भारत में 15 सितंबर 2020 को 1 दिन में सबसे ज्यादा 1290 लोगों की मौत दर्ज की गई थी।

भारत मे वैक्सीनेशन कब शुरू की गई थी ?

भारत में 16 सितंबर को 97894 और 17 सितंबर 2020 को यह आंकड़ा 10.17 लाख एक्टिव केस देखे गए थे। भारत में जब पहला केस मिला था उसके ठीक 1 साल बाद 16 जनवरी 2021 को वैक्सीनेशन शुरू कर दिया गया था।

पूरी दुनिया या भारत में यह वैरीएंट कितना खतरनाक साबित होगा इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है उसके प्रोग्रेस को इन आंकड़ों से आप मिला सकते हैं कि यह वायरस किस तरह तेजी से फैलता है।

इस वायरस के बारे में भारत के लोग क्या सोच रहे हैं ?

भारत में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो यह आपको कहते हुए मिल जाएंगे की इन आंकड़ों से हमें क्या लेना है। लेकिन हम आपको बता दें कि जिस समय यह कोरोनावायरस पहली बार भारत में मिला था, उसी समय यदि हमारे पास वैक्सीन उपलब्ध हो जाती और मास्क, ऑक्सीजन जैसी व्यवस्था कर लेते तो हमारे यहां पर इतनी ज्यादा लोगों की मौत इस बीमारी से नहीं होती।

एक बार फिर हम सभी लोग इसी मुहाने पर खड़े हैं जिस तरह पहले कोरोनावायरस फैला रहा था यदि आप चाहते हैं कि इस तरह का कोई भी आंकड़ा हमें देखने को ना मिले तो हम सभी को अधिक से अधिक मात्रा में वैक्सीन लगवा लेना चाहिए। हम सब मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

ओमीक्रॉन वायरस के बारे में डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों का क्या कहना है ?

बहुत सारी कंपनी ने इस वायरस को लेकर अपनी बयान देना शुरू कर दिया है। मॉडर्ना ने यहां तक कहा है कि उसकी जो हमारी वैक्सीन है वह ओमीक्रॉन पर काम करेगी या नहीं यह सही तरीके से कहा नही जा सकता है। राजस्थान के एक बड़े हॉस्पिटल सवाई मानसिंह के डॉक्टर सुधीर भंडारी ने कहा है कि यह भारत में तीसरी लहर का कारण बन सकता है।

यह इतना खतरनाक है कि डबल डोज लगाकर इम्यूनिटी प्राप्त कर चुके व्यक्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा सकता है। आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि जो व्यक्ति दोनों डोज वैक्सीन को ले रखा है उसको भी इतना ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।

वहीं दूसरी तरफ नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वी. के पॉल का कहना है कि भारत में लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं है। हमें डरना नहीं है लोगों को चाहिए कि वह मास्क लगाएं सोशल डिस्टेंसिंग पालन करें और अधिक से अधिक वैक्सीन ले।

वहीं भारत के इंजीनियरों की बात की जाए तो उनमें प्रोफेसर मणीद्र अग्रवाल जो कानपुर IIT डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर हैं उनका कहना है कि अगर आपके पास इम्यूनिटी है तो इससे आप बचे रहेंगे। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से आप इस संक्रमण को रोक सकते हैं और बच्चों पर इसकी संक्रमण का खतरा अभी नहीं है।

अमेरिकी विशेषज्ञ का ओमीक्रॉन वायरस के बारे मे क्या कहना है ?

अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ और व्हाइट हाउस के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉक्टर एंथनी फाउसी का कहना है कि कैलिफोर्निया के अंदर ओमीक्रॉन का पहला केस मिला था। और इसके म्यूटेशन को लेकर उनको भी चिंता है।

उनका मानना है कि डेल्टा समेत जितने भी वैरीएंट मिले हैं उनसे यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है। WHO के जिफ डॉक्टर सौमया स्वामीनाथन का कहना है कि भारत में ज्यादातर मौतें डेल्टा वेरिएंट्स के कारण हुई थी।

ICMR ( Indian Council of Medical Research ) भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के प्रमुख वैज्ञानिक डॉक्टर रमन गंगाखेड़कर ने कहा है कि वर्तमान में इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन इससे संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती होने की बात फिलहाल में नही आई है। इसे शुरुआत में ही रोका जा सकता है।

वहीं दिल्ली एम्स के डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि यह इम्यूनिटी पर असर डालने वाला वायरस है और यह वैक्सीन के प्रभावशीलता को कम कर सकता है। उनका यह भी मानना है कि भारत में उपयोग की जाने वाली वैक्सीन का दोबारा मूल्यांकन करने की आवश्यकता है।

गुरु ग्राम के मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टरों का कहना है इसको मिलने से लोगों को डरने की आवश्यकता नहीं है लेकिन लोगों को इससे अभी से सावधान होने की जरूरत है। महाराष्ट्र जयपुर आदि शहरों के जो डॉक्टर है उन सभी का लगभग इसी तरह का बयान आया है।

सरकार ने सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिलहाल रोक दिया है।

यहां पर जानने वाली बात यह है कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रोक दिया है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू या बंद करने के लिए इस पर 15 दिसंबर को फैसला लेगी।

ओमीक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट में ज्यादा खतरनाक कौन है ?

ओमीक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट में ज्यादा खतरनाक कौन है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। ओमीक्रॉन मे प्रोटीन के अंदर 30 म्यूटेशन आ चुके हैं अर्थात यह अपने अंदर 30 बार परिवर्तन ला चुका है। वही डेल्टा अपने अंदर 18 म्यूटेशन कर चुका है।

ओमीक्रॉन रिसेप्टर बाउंडिंग डोमेन में 10 हैं और डेल्टा में यह 2 है। ओमीक्रॉन पर कौन सी वैक्सीन कितना काम करेगी इस पर अभी कोई जानकारी नहीं है। ठीक उसी प्रकार से इससे मरने वालों की जानकारी अभी नहीं आई है।

यह अभी शुरुआती दौर में है लेकिन पूरी दुनिया इससे सतर्क होने लगी है। डेल्टा बैरिएंट पर वैक्सिंग का असर 60% था और इससे मरने वालों की संख्या भी बहुत ज्यादा थी।

उम्मीद है कि आपको यह समझ में आ गया होगा कि जो ओमीक्रॉन वायरस है इसके प्रोटीन में 30 म्यूटेशंस आ चुके हैं। इसके अलावा डॉक्टरों की बात मानी जाए तो जो दक्षिण अफ्रीका में डॉक्टर है उन्होंने इसके कुछ लक्षण बताएं हैं।

ओमीक्रॉन के क्या लक्षण है ?

ओमीक्रॉन वायरस से  संक्रमित व्यक्ति के मांसपेशियों में दर्द , सर दर्द, बुखार गले में खराश और थकान इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं। हम सभी को आज भी इससे बचने का केवल एक ही उपाय है कि जैसे भी हो हम सभी मास्क पहने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और अधिक से अधिक मात्रा में वैक्सीन ले।

सरकार ने तीसरी लहर से बचने के लिए क्या जरूरी इंतजाम किए हैं ?

सरकार ने तीसरी लहर से बचने के लिए डेली ऑक्सीजन प्रोडक्शन को बढ़ाकर 15000 टन करने का प्रयास शुरू कर दिया है जबकि दूसरी लहर के दौरान 9000 तक ही ऑक्सीजन उत्पादन कीया जा रहा था।

देशभर के अंदर 3631 प्रेशर स्विंग अब्जॉर्बर प्लांट लगाए जाने का अप्रूवल मिल चुका है। और 1100 से ज्यादा प्लांट लगाए भी जा चुके हैं। 7000 टेक्निकल स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। दो लाख से ज्यादा ICU बेड तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से 50% बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है।

What is Black Box in Hindi हवाई जहाज का ब्लैक बॉक्स क्या होता है?

Russia S-400 Missile रूस ने शुरू की S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी

मानहानि का केस क्या होता है ? क्या है राहुल गांधी का चौकीदार चोर है का मामला ?

Purvanchal Expressway India’s longest Expressway भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे.

India Agni-5 and China Hypersonic Missile में बेहतर कौन ?

Blogger Kaise Bane ब्लॉगर कैसे बने पुरी जानकारी हिंदी में ? How To Become a Blogger

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Scroll to Top