पाकिस्तान में जिन्ना की मूर्ति को बम से उड़ाया गया Pakistaan ne Jinnah ki Murti ko Bamb se Udaya

Pakistaan ne Jinnah ki Murti ko Bamb se Udaya. नमस्कार दोस्तों, मैं हूं राकेश और लेकर हाजिर हूं आज की ऐसी खबर जिसको आप को जानना बहुत जरूरी है। क्योंकि जो पाकिस्तान न्यूजीलैंड और इंग्लैंड की टीमों को यह कहता हुआ पाया जाता है की पाकिस्तान में क्रिकेट खेलना बहुत सुरक्षित है, आज वह अपने कायदे आजम को भी नहीं बचा पाया।

Palistaan ne Jinnah ki Murti ko bamb se udaya

उनके यहां के कायदे आजम को बम लगाकर उड़ा दिया गया है । यह रही तस्वीर आपके पास इस तस्वीर को आप लोग खुद ही देख लीजिए।

पाकिस्तान में जिन्ना की मूर्ति को बम से उड़ाया गया

साथियों आज हम जो न्यूज़ आपको बताने जा रहे हैं कि पाकिस्तान के अंदर पनप रहे आंतरिक अशांति में पाकिस्तान के अंदर चीन के द्वारा बनाया जा रहा जो चाइना पाकिस्तान इकोनामिक कॉरिडोर है उसे वहां के लोकल लोगों द्वारा किस प्रकार चैलेंज किया जा रहा है और नुकसान किया जा रहा है, आज के इस न्यूज़ में आप सभी यही जानने वाले हैं।

अर्थात पाकिस्तान के अंदर पाकिस्तान के संस्थापक कहे जाने वाले पाकिस्तान के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले पाकिस्तान के कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना कि आज स्टेचू को बम से उड़ाया गया है ।

किसने उड़ाया तो यह न्यूज निकल कर आया की बलूचिस्तान को एक अलग राज्य के रूप में चाहने वाले वहां के बलोच लिबरेशन आर्मी के द्वारा यह कार्य किया गया है।

बलूच लिबरेशन आर्मी चाहती क्या है और किस प्रकार इसका भारत से कनेक्शन है। भारत के प्रधानमंत्री ने आज से पहले कभी बलूच लिबरेशन आर्मी को अपना समर्थन दिया है, ये तमाम बातें नीचे बताया गया है।

सबसे पहले इस खबर को पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने उठाया था और प्रकाशित किया था। उस समाचार के बाद देश और दुनिया के कई समाचार पत्रों में भी यह बात का जिक्र किया गया है की इन सभी समाचार पत्रों के माध्यम से ही इस बात का पता चला है कि पाकिस्तान में मोहम्मद अल्ली जिन्ना की मूर्ति को बम से उड़ाया गया है।

कभी यह स्टेचू एकदम खड़ी अवस्था में थी आज यह स्टेचू बिल्कुल वहां से गायब हो गई है अर्थात टूट कर के बिखर गई है। यह घटना बलूचिस्तान के अंदर अरब सागर की पास की है।

अरब सागर के किनारे पर स्थित मरीन ड्राइव नामक जगह पर है, जो यहां का सबसे सुरक्षित जगह में से एक है। जो ग्वादर पोर्ट का एरिया है इसी ग्वादर पोर्ट एरिया से पाकिस्तान चीन के लिए सड़क बना रहा है और पाइपलाइन भी भी छा रहा है।

यह चाइना पाकिस्तान का इकोनामिक कॉरिडोर का रूट है। यही वह रूठ है जहां से होकर पाकिस्तान चीन के लिए अपना रास्ता तैयार कर रहा है।

जिसके लिए पाकिस्तान ने चीन से 60 बिलियन डालर का लोन ले रखा है जिसके चलते यह संभव है पाकिस्तान आने वाले समय पर चाइना की इस जाल में फंस जाए। आने वाला समय पाकिस्तान के लिए कितना चुनौतीपूर्ण होने वाला है, उसके सबसे सुरक्षित जगह को भी यहां पर रहने वाले लोगों ने नहीं छोड़ा।

जरूर हमें यह समझना होगा कि कि पाकिस्तान का यह पश्चिमी इलाका जो ग्वादर पोर्ट के नाम से जाना जाता है, इसके बगल में थोड़ी ही दूर पर भारत ने चाबहार पोर्ट ले रखा है जो ईरान में है। जहां पर यह हमला हुआ है वहां पर भारत भी अपना अड्डा ले रखा है। अर्थात विकास के कार्य को करके बैठा हुआ है।

जैसा कि आपको मालूम है कि यह घटना पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुई है जो पाकिस्तान में क्षेत्रफल की दृष्टि से एक बड़ा एरिया है। यह पाकिस्तान का लगभग 40 परसेंट एरिया है। पाकिस्तान के इस एरिया में काफी मात्रा में सोना जोहरत के साथ-साथ ऑयल के भी प्रचुर मात्रा में भंडार हैं।

यह वह एरिया है जो पाकिस्तान में रहना नहीं चाहता है अर्थात हर दिन यहां से पाकिस्तान से अलग होने की मांग उठती रहती है जिसे पाकिस्तानी सेना बलूचीयों पर काफी जुल्म करती है।

पाकिस्तान का यह राज्य सबसे खनिज संपन्न होने के बावजूद भी विकास के मामले में अत्यंत पिछड़ा हुआ है। यहाँ पर शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी अभाव है।

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी क्या है और इसकी स्थापना कब हुई थी

बलूचिस्तान में जो पाकिस्तान से अलग होने की मांग करती है उसी को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के नाम से जाना जाता है। इसकी स्थापना लगभग सन 2000 के आसपास की है, इसके पड़ोस में जो अफगानिस्तान है जिसमे कभी सोवियत संघ का प्रभाव था, अफगानिस्तान में ही सोवियत संघ के द्वारा इसे बनाया गया था लेकिन बाद में लिबरेशन आर्मी ने यहां सोवियत संघ को टिकने नहीं दिया।

पाकिस्तान के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भारत से हमेशा यह उम्मीद रही है कि भारत इनके हितों का ख्याल रखेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारा मदद करेगा, जैसा कि हाल ही में प्रधानमंत्री का UNO में आपने भाषण सुना होगा कि ” इंडिया इज ए मदर ऑफ द डेमोक्रेसी ” अर्थात डेमोक्रेसी की जननी बताया है। ऐसी स्थिति में बलोची लोगों को भारत से बहुत उम्मीदें हैं ।

साथियों हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सन 2016 में लाल किले की प्राची से भाषण देते हुए भी कहा की हमें वहां के लोगों ने हमारा बहुत आभार व्यक्त किया है और मेरे प्रति जो सद्भावना दिखाई है इसके लिए इन सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं। प्रधानमंत्री के इन आभार करने वाले बातों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिली थी।

पाकिस्तान जो अपना स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को मनाता है उसमें वहां के प्रधानमंत्री ने कश्मीर का मुद्दा उठाया था। जिसके बदले में हमारे भारत के प्रधानमंत्री ने यह बातें कही थी और यह ठान लिया था कि पाकिस्तान का हर एक बात का जवाब देगा अर्थात ईट का जवाब पत्थर से देगा।

भारत ने ना सिर्फ कश्मीर का मुद्दा उठाया बल्कि दुनिया का ध्यान बलूचिस्तान की ओर आकर्षित कर दिया। क्योंकि बलूचिस्तान के लोग भारत से बहुत सारी उम्मीद लगाए बैठे हैं। और जब भारत से इतने उम्मीदें लगा रहीं हैं क्योंकि अल्टीमेटली उन्हें लगता है कि वहां पर भारत उनके लिए कुछ अच्छा कर सकता है।

उनके लोकतंत्र की बहाली के लिए भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ भलाई कर सकता है तो प्रधानमंत्री ने दुनिया को बताया कि हमारा क्या महत्व है बलूचिस्तान के लिए।

यह अपने आप में एक डिप्लोमेसी है जिसके कई मायने निकाले जाते रहे हैं। कुछ ने कहा भारत को आंतरिक मसलों पर इंटरफेयर नहीं करना चाहिए और कुछ ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी बातें उठाती रहनी चाहिए।

इन बातों के मायने चाहे जो भी हो पाकिस्तान अपने यहां हो रही सभी घटनाओं का ठीकरा भारत पर ही फ़ोड़ता है । ऐसी स्थिति में उसने आज से पहले जब जिन्ना के घर पर भी जो हमला हुआ था जो बलूचिस्तान में ही बना हुआ है जियारत नाम से, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के द्वारा उड़ा दिया गया था।

उसके लिए भी भारत को ही पाकिस्तान ने जिम्मेदार ठहराया था । बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी पाकिस्तान के अंदर टेररिज्म फैलाने के नाम से जानी जाती है । ऐसा पाकिस्तान का मानना है। वहीं पाकिस्तान ने UK और US से भी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को टेरेरिस्ट ऑर्गेनाइजेशन के रूप में नेम किया हुआ है।

साथियों जानने वाली बात यह होगी कि वर्तमान में जिन्ना की मूर्ति को किसने उड़ाया है, लेकिन कल ही की न्यूज़ है की बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने यह कहा है कि उसने 4 पाकिस्तानी सैनिकों को मार दिया है।

आने वाले दिनों में उनका क्या प्रभाव पड़ेगा जिसका सीधा मतलब है कि अरबीयन ओसियन से निकल कर पाकिस्तान होते हुए चीन के जिनजियांग प्रांत तक जाता है, चाइना के इस इकनॉमिक कॉरिडोर पर भी काफी प्रभाव पड़ेगा ।

इसी तरह विदेशी नागरिकों को मारा जाता रहा और पाकिस्तान की सेना को परेशान किया जाता रहा तो संभव है पाकिस्तान के इन्वेस्टमेंट पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

हम उम्मीद करते हैं की आपको ये सब कुछ अच्छे से समझ आ गया होगा । यदि आपको हमारा यह लेख Pakistaan ne Jinnah ki Murti ko Bamb se Udaya अछा लगा हो तो कृपया इस लेख को अपने सभी साथियों के साथ जरुर शेयर करें , ताकि वह लोग भी इसके बारे में जान सकें और समझ सकें ।

इसे भी पढ़ें

आपका बहुत -बहुत धन्यबाद।

2 thoughts on “पाकिस्तान में जिन्ना की मूर्ति को बम से उड़ाया गया Pakistaan ne Jinnah ki Murti ko Bamb se Udaya”

  1. Pingback: Best Powerful Motivational Speech in Hindi जो आप की जिंदगी को बदल देगी

  2. Pingback: UP Free Laptop Yojana 2021 उत्तर प्रदेश फ्री लैपटॉप वितरण योजना

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top