सूर्य ग्रहण ( solar eclipse ) और चंद्र ग्रहण ( lunar eclipse ) क्यों लगता है? Why do a solar eclipse and a lunar eclipse occur?

Why do a solar eclipse and a lunar eclipse occur? जब किसी आकाशीय पिंड या ग्रह का कुछ हिस्सा किसी दूसरे ग्रह से ढक जाता है तो इसे ग्रहण (Eclipse) कहते हैं। ग्रहण दो तरह के होते हैं सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण।

सूर्य ग्रहण ( solar eclipse ) और चंद्र ग्रहण ( lunar eclipse ) क्यों लगता है Why does a solar eclipse and a lunar eclipse occur-min

सूर्य ग्रहण (solar eclipse) कैसे होता है ? How does a solar eclipse happen?

आप सभी लोग जानते हैं कि पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती है और चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है। जब कभी भी सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है जो सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी पर आने से रोक लेती है अर्थात हम अपनी पृथ्वी से सूर्य को नहीं देख पाते हैं इस घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं।

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सूर्य ग्रहण के समय चंद्रमा की परछाई कितनी एरिया पर पड़ती है? What is the area of the Moon’s shadow during a solar eclipse?

जैसा कि आप जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के समय चंद्रमा द्वारा सूर्य के प्रकाश को रोक लिया जाता है जिससे पृथ्वी पर चंद्रमा की परछाई पड़ने लगती है और पृथ्वी से सूर्य का प्रकाश दिखाई नहीं देता है। उस समय चंद्रमा की परछाई ही पृथ्वी पर पड़ती है। यह परछाई 50 किलोमीटर एरिया पर पड़ता है।

सूर्य ग्रहण कितने प्रकार के होते हैं ? How many types of solar eclipses are there?

सूर्य ग्रहण 3 तरह के होते हैं।

  1. पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total solar eclipse) जब चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह ढक लेता है तो इसे पूर्ण सूर्यग्रहण कहते हैं।
  2. आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial solar eclipse) यदि चंद्रमा सूर्य के कुछ ही हिस्से को ढक पाता है तो इसे हम आंशिक सूर्यग्रहण कहते हैं।
  3. वलयाकार सूर्यग्रहण (Annular solar eclipse) जब चंद्रमा सूर्य से आ रही प्रकाश को बीचोबीच से ढक लेता है तो इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण करते हैं। वलयाकार सूर्य ग्रहण को हम ( Ring of Fire ) के नाम से भी जानते हैं।

सूर्यग्रहण से जुडी महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब

प्रश्न – सूर्य ग्रहण मैक्सिमम कितने समय तक रहता है?
उत्तर – सूर्य ग्रहण मैक्सिमम 7 मिनट और 7 सेकंड तक होता है।

प्रश्न – सूर्य ग्रहण किस दिन लगता है?
उत्तर – सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन लगता है।

प्रश्न – सूर्य ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर –

  1. आंख पर प्रभाव – इस ग्रहण का आंखों पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है, इसे नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए इसको देखने से हमारी आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
  2. वातावरण पर प्रभाव – वातावरण का तापमान कुछ समय के लिए घट जाता है।

चंद्र ग्रहण (lunar eclipse)कैसे होता है? How does a lunar eclipse happen?

आप सभी लोग जानते हैं कि पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती है और चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है। जब कभी भी सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाती है तो वह सूर्य के प्रकाश को चंद्रमा पर जाने से रोक लेती है । जिससे हमको चंद्रमा का कुछ भाग कटा हुआ दिखाई देता है । जिसे हम चंद्र ग्रहण के नाम से जानते हैं।

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चंद्रग्रहण से जुडी महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब

प्रश्न – चंद्र ग्रहण कितने समय तक रहता है?
उत्तर – चंद्र ग्रहण 3 घंटा और 28 मिनट का होता है।

प्रश्न – चंद्र ग्रहण लंबे समय तक क्यों रहता है?
उत्तर – चंद्र ग्रहण के लंबे समय तक बने रहने का एक कारण यह है कि जब पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगा रही होती है ठीक उसी समय चंद्रमा भी पृथ्वी का चक्कर लगा रहा होता है। जिससे कि लंबे समय तक यह दोनों एक सिद्ध में होते हैं । इसलिए यह लंबे समय तक रहता है।

प्रश्न – चंद्र ग्रहण किस दिन लगता है?
उत्तर – चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन लगता है।

प्रश्न – चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा पर किसकी छाया पढ़ती है?
उत्तर – चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है।

अम्ब्रा किसे कहते हैं? What is Ambra?

यह एक प्रकार की छाया होती है जो डार्क होती है । अंब्रा के समय चांद पर पृथ्वी की छाया डार्क पड़ती है। जिससे कि चांद पूरी तरह ढक जाता है।

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पेनंब्रा किसे कहते हैं? What is penumbra?

यह एक प्रकार की छाया होती है जो हल्की परछाई बनाती है। पेनंब्रा में चांद पर पृथ्वी की छाया हल्की पड़ती है। जिससे चांद हल्का-हल्का दिखाई देता है।

युति (conjunction) क्या है? What is conjunction?

जब कभी भी सूर्या ,चंद्रमा और पृथ्वी एक ही सिद्ध में आ जाते हैं जिनमें 180 डिग्री का एंगल बन जाता है तो इसे हम यूती (Conjunction) कहते हैं। लेकिन इसमें एक शर्त होता है कि चंद्रमा सूर्य के करीब होता है।
जब युति होती है तो समुद्र में ज्यादा लहरें उत्पन्न होती है।

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वियुति (contrast) क्या है? What is contrast?

जब कभी भी सूर्य ,पृथ्वी और चंद्रमा एक सिद्ध में आ जाते है तो इनमें भी 180 डिग्री का एंगल बनता है तो इसे हम (Contrast ) वियुति कहते हैं। लेकिन इसमें चंद्रमा सूर्य से दूर चला जाता है।

जब वियुति होती है तो समुंदर में ज्यादा लहरें नहीं उठती है। जिसका कारण यह होता है कि सूर्य अपने गुरुत्वाकर्षण शक्ति से जल को अपनी तरफ खींचता है और पृथ्वी से दूसरी तरफ चंद्रमा होता है वह अपनी शक्ति से दूसरी तरफ खींचता है।

ज्वार भाटा किसे कहते हैं? What is the tide called?

हमारे पृथ्वी पर 71% पानी मौजूद है जिस पानी को सूर्य और चंद्रमा अपनी गुरुत्वाकर्षण शक्ति से अपनी ओर खींचते हैं। जिससे समुंद्र में लहरें उत्पन्न होती हैं जब समुद्री लहरें जब ऊपर उठती हैं तो इसे ज्वार और जब यही लहरें नीचे गिरती है इसे भाटा कहते हैं। ज्वार भाटा उत्पन्न करने में सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण शक्ति के अलावा पृथ्वी के घूर्णन गति का भी योगदान होता है।

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वृहत ज्वार किसे कहते हैं? What is a great tide?

जब सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं जिनके बीच में 180 डिग्री का एंगल बन जाता है। जिसमें सूर्य और चंद्रमा अपनी गुरुत्वाकर्षण शक्ति से समुंद्र में मौजूद जल को अपनी ओर खींचते है जिनमें लहरें काफी ऊपर उठती हैं जिन्हें हम वृहत ज्वार कहते हैं।

लघु ज्वार भाटा क्या है? What is short tide?

जब चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा होता है उस समय यदि चंद्रमा और पृथ्वी के बीच 90 डिग्री का एंगल बनाता है तो ऐसी स्थिति में सूर्य और चंद्रमा अपने गुरुत्वाकर्षण शक्ति से समुंद्र में मौजूद जल को अपनी ओर ज्यादा नहीं खींच पाते हैं जिसे हम लघु ज्वार भाटा कहते हैं। इसमें ज्वार भाटा की ऊंचाई बहुत कम होती है।

सिजिगी क्या है? What is Sijigi?

जब सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी के बीच 5 डिग्री का एंगल होता है तो उसे सिजिगी कहते हैं । जब सिजिगी होता है उस समय ग्रहण नहीं लगता है।

लीनियर क्या होता है? What is linear?

जब सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी के बीच 0 डिग्री का एंगल होता है तो उसे लीनियर कहते है। लीनियर के समय ही ग्रहण लगता है।

पारगमन ( Transit )किसे कहते हैं? What is called a Transit?

चंद्रमा छोटा होने के बावजूद भी सूर्य के प्रकाश को ढक लेता है । क्योंकि यह पृथ्वी के करीब है। बुध और शुक्र, पृथ्वी से काफी दूर है और चंद्रमा की तुलना में काफी बड़े हैं, लेकिन यह पृथ्वी से काफी दूर होने की वजह से सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी पर आने से नहीं रोक पाते हैं, इस घटना को (Transit) परागमन कहते हैं।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने जाना की सूर्य ग्रहण ( solar eclipse ) और चंद्र ग्रहण ( lunar eclipse ) क्यों लगता है? Why does a solar eclipse and a lunar eclipse occur? हम उम्मीद करते हैं की आपको सभी को आज का हमारा यह लेख सूर्य ग्रहण ( solar eclipse ) और चंद्र ग्रहण ( lunar eclipse ) क्यों लगता है? Why does a solar eclipse and a lunar eclipse occur? पसंद आया होगा ।

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